vyakaran - सर्वनाम( sarvnam in hindi)


सर्वनाम, सर्वनाम के भेद, सर्वनाम का रूपांतर,साकल्यवाचक सर्वनाम, संयुक्त सर्वनाम, यौगिक सर्वनाम



'सर्वनाम' का अर्थ है सबका नाम अर्थात जो शब्द सबके नामों के स्थान पर इस्तेमाल किए जाये या प्रयोग किये जाते हों, उन्हें सर्वनाम कहते हैं।
         संज्ञा और सर्वनाम के मध्य अंतर इस प्रकार समझा जा सकता है, संज्ञा के द्वारा उसी वस्तु का बोध होता है जिसका वह नाम है, परंतु सर्वनाम में सभी वस्तुओं, प्राणियों, व्यक्तियों के नाम हो सकता है। जैसे:- राम आम खाता है। इस वाक्य में राम और आम संज्ञा है इसमें केवल किसी एक व्यक्ति  राम और एक फल आम के बारे में कहा गया है, ठीक इसी प्रकार वह फल खाता है। इस वाक्य में वह  शब्द सर्वनाम है जो किसी भी व्यक्ति के बारे में हो सकता है कि वह फल खाता है न की एक व्यक्ति के बारे में बता रहा है बल्कि इसमें किसी भी व्यक्ति का नाम हो सकता है।

सर्वनाम की परिभाषा:-
"संज्ञा शब्द के स्थान पर आने वाले शब्द या प्रयोग किये जाने वाले शब्द को सर्वनाम(sarvnam)कहते हैं; जैसे:- मैं, तुम, तू, आपयह ,वह ,कौन ,क्या इत्यादि।"

सर्वनाम सार्थक शब्दों के आठ भेदों में एक भेद है।

व्याकरण में सर्वनाम एक विकारी शब्द है।

हिंदी में कुल 11 सर्वनाम  हैं, जैसे- मैं, तू, आप, यह, वह, जो, सो, कौन, क्या, कोई, कुछ।

सर्वनाम के भेद उदाहरण सहितप्रयोग के अनुसार सर्वनाम के 6 भेद हैं -

१) पुरुषवाचक सर्वनाम

२) निजवाचक सर्वनाम

३) निश्चयवाचक सर्वनाम

 ४) अनिश्चयवाचक सर्वनाम

 ५) संबंधवाचक सर्वनाम

६) प्रश्नवाचक सर्वनाम

१) पुरुषवाचक सर्वनाम:-

जो सर्वनाम शब्द बोलने वाले सुनने वाले और अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे :- मैं पढ़ूंगी।, तुम घर जाओ।, वह बैठ गया।

इन वाक्यों में 'मैंबोलने वाले के लिएतुम सुनने वाले के लिए और वह अन्य व्यक्ति के लिए आए हैं ये पुरुषवाचक सर्वनाम हैं।

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद होते हैं-

क) उत्तम पुरुष (मैं ,हम)

ख) मध्यम पुरुष (तू, तुम, आप)

ग) अन्य पुरुष (वह, वे,यह,ये)


क) उत्तम पुरुष:-  जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग 'बोलने' वाले के लिए किया जाता है,उन्हें उत्तम पुरुष कहते हैं। उत्तम पुरुष के अंतर्गत आने वाले शब्द है- मैं, हम,मैंने, हमने, मेरा, हमारा, मुझे, मुझको, इत्यादि। जैसे:- मैंने गृह कार्य कर लिया। मैं केले लाया। हमें पार्टी में जाना है।

इन वाक्यों में मोटे शब्द उत्तम पुरुष है। इनका प्रयोग बोलने वाले के लिए हुआ है।


ख) मध्यम पुरुष:- जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग सुनने वाले और पढ़ने वाले के लिए किया जाता है उन्हें मध्यम पुरुष कहते हैं। मध्यम पुरुष के अंतर्गत आने वाले शब्द  हैं- तू ,तुम ,तुमने, तुझे, तुम्हें, तुमको, तुमसे, आपने, आपको इत्यादि।जैसे:- तू कब बताएगी। तुम कार ले आओ। आप कहां जा रहे हो।

इन वाक्यों में मोटे शब्द मध्यम पुरुष है। इनका प्रयोग सुनने वाले के लिए हुआ है ।


ग) अन्य पुरुष:-जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग बोलने वाला या सुनने वाला किसी अन्य व्यक्ति के लिए करता है उन्हें अन्य पुरुष कहते हैं। अन्य पुरुष के अंतर्गत आने वाले शब्द है - वह, वे, ये, यह, इन, उन, उनको, उन्हें, इससे, उससे, उसको इत्यादि। जैसे:- उसे अध्यापिका ने बुलाया है। वह आई थी । उन्होंने भाषण दिया था ।

इन वाक्यों में आए मोटे सब अन्य पुरुष है इनका प्रयोग अन्य व्यक्तियों के लिए किया गया है।

२) निजवाचक सर्वनाम:- 

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग कर्ता के लिए किया जाता है या जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग  व्यक्ति स्वयं के लिए करता है उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:- मैं अपने आप पहुंच जाऊंगा। वीणा स्वयं लिख लेगी।


इन वाक्यों में मोटे सब निजवाचक सर्वनाम हैं। इनका प्रयोग कर्ता के लिए किया गया है।

३) निश्चयवाचक सर्वनाम:-

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किसी निश्चित प्राणी और वस्तु के लिए किया जाता है, उन्हें निश्चियवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:- हमारा बाइक यह है।  इंजीनियर वे हैं। सामान उसमें है।

 इन वाक्यों में मोटे शब्द निश्चियवाचक सर्वनाम हैं। इनसे निश्चत प्राणी और वस्तुओं का पता चलता है।

 ४) अनिश्चयवाचक सर्वनाम:-

जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग किसी अनिश्चत प्राणी और वस्तु के लिए किया जाता है उन्हें अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे:- किसी ने फोन किया था? उधर कोई बैठा है। कुछ खा लो।

इन वाक्यों में आए मोटे शब्द निश्चयवाचक सर्वनाम है उनके नाम। इनसे निश्चित वस्तु या प्राणी का पता नहीं चलता है।

 ५) संबंधवाचक सर्वनाम:-


जिस सर्वनाम से एक बात का दूसरी बात से संबंध ज्ञात होता है या ऐसे सर्वनाम जिनसे वाक्य के किसी दूसरे सर्वनाम के साथ संबंध जोड़ा जाए उसे संबंध वाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे:- जो-सो, जिसने-उसने ,जिसकी-उसकी ,जिसमें-उसमें इत्यादि।

                                          या

 ऐसे सर्वनाम शब्द जो दो उपवाक्यों का आपस में संबंध जोड़ते हैं,उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे:- जैसी करनी वैसी भरनी। जिसे चाहिए उसे आना पड़ेगा। जो परिश्रम करेगा वह फल पाएगा।
इन वाक्यों में मोटे शब्द संबंधवाचक सर्वनाम है ये संज्ञा या सर्वनाम का संबंध  प्रकट करते हैं।

६) प्रश्नवाचक सर्वनाम:- 

प्रश्न करने के लिए जिस सर्वनाम का प्रयोग होता है उससे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे:- कौन, क्या, कहां ,कैसे ,कब इत्यादि।
                                      या

जिन सर्वनाम शब्दों से किसी व्यक्ति,वस्तु ,प्राणी, काम आदि के विषय में प्रश्न करने का पता चलता है, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं जैसे:- सब्जियां कौन लाया था? आपको क्या चाहिए? उत्तर किसने लिखे?

इन वाक्यों में आए मोटे शब्द प्रश्नवाचक सर्वनाम हैं। इनका प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया गया है।

सर्वनाम का रूपांतर कैसे होता है?

उत्तर: सर्वनाम का रूपांतर लिंग, वचन और कारक के दृष्टि से होता है।जैसे:- लड़के पेड़ पर चढ़ गये। वे फल तोड़ कर गिरा रहे हैं।

साकल्यवाचक सर्वनाम किसे कहते है? सोदाहरण लिखें।

उत्तर:-सब , उभय, तथा सकल  साकल्यवाचक सर्वनाम है । इनमें सब का प्रयोग सबसे अधिक है। जैसे सब अंधे है। ताकत के अंधे ।

संयुक्त सर्वनाम की परिभाषा उदाहरण सहित लिखो।


उत्तर:-एक से  अधिक शब्दों को जोड़कर बनाएं गये सर्वनामों को संयुक्त सर्वनाम कहते हैं संयुक्त सर्वनाम के शब्दों को संज्ञा के शब्दों के साथ स्वतंत्र रूप से प्रयोग करते हैं जैसे:- जो कोई, कोई-कोई, सब कोई, हर कोई ,और कोई, कोई ना कोई , अधिक से अधिक, कुछ ना कुछ आदि।

१.कुछ ना कुछ पहचाना लगता है।

इस वाक्य में कुछ ना कुछ संयुक्त सर्वनाम है क्योंकि इसमें कुछ ना कुछ किसी वस्तु यानी संज्ञा के बारे में बात की जा रही है जो पहचाना लगता है।

२. कोई ना कोई आएगा।

इस वाक्य में कोई ना कोई संयुक्त सर्वनाम है क्योंकि इसमें किसी व्यक्ति के बारे में बताया जा रहा है जो आएगा। व्यक्ति संज्ञा है।

यौगिक सर्वनाम की परिभाषा उदाहरण सहित लिखिए।

उत्तर:- मूल सर्वनाम में प्रत्यय लगाने से जो सर्वनाम बनते हैं, उन्हें यौगिक सर्वनाम कहते हैं जैसे:-जिस+सा = जैसा, किस+सा = कैसा इत्यादि।

आप शब्द का प्रयोग कब और कैसे किया जाता है ?

उत्तर:-सम्मान प्रदर्शन करने के लिए शिष्टता या विनम्रता के प्रदर्शन के लिए, संज्ञा या सर्वनाम के अवधारण के लिए, दूसरे व्यक्ति के निराकरण के लिए आदि  स्थानों पर 'आप' का प्रयोग होता है जैसे क्रमशः आप से विनती ,है यह आप ही का है, मैं आप यह कर लूंगा।

प्रयोग के आधार पर हिंदी में 6 सर्वनाम होते हैं और सब मिलाकर इनकी संख्या 11 है जो निम्नलिखित है।-

1. पुरुषवाचक सर्वनाम:- मैं, तू

2. निजवाचक सर्वनाम :- आप

3. निश्चय वाचक सर्वनाम :- यह, वह

4. निश्चयवाचक सर्वनाम :- कोई, कुछ

5. प्रश्नवाचक सर्वनाम :- कौन, क्या

6. संबंध वाचक सर्वनाम :- जो, से


नोट:- सर्वनाम को बहुवचन बनाने ले लिए  'मैं' को 'हम', 'तू'  को  'तुम','यह' को  'ये'  'वह' को  'वे' तथा 'सो' को 'से' बनाया है बाकी सब ज्यों का त्यों रहते हैं। 


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