क्रिया विशेषण(adverb) किसे कहते है उसके भेद तथा उदाहरण

क्रिया-विशेषाण किसे कहते हैं। और उसके भेद



क्रिया विशेषण इसे अंग्रेजी में Adverb कहते है क्रिया विशेषण एक अविकारी शब्द है जो किसी भी काम की विशेषता को बताता है इसे हम उदाहरण से माध्यम से समझने का प्रयास करते है।

                हवाई जहाज उड़ रहा है।

इस वाक्य में हवाई जहाज के काम के बारे में पता चलता है जो उड़ने का काम कर रहा है। यहाँ उड़ रहा है क्रिया है।

              हवाई जहाज तेज़ी से उड़ रहा है ।

ऊपर के वाक्य में हवाई जहाज उड़ने का काम कर रहा था जिसके कारण उड़ रहा है क्रिया शब्द था लेकिन  दूसरा वाक्य में हवाई जहाज उड़ तो रहा है पर तेज़ी से उड़ने का काम कर रहा है इस वाक्य में काम या जहाज के कार्य की विशेषता बताया गया है जो तेज़ी से उड़ने का काम कर रहा है इस लिए तेज़ी से क्रिया विशेषण  है। क्योंकि यहाँ क्रिया की विशेषता बताया जा रहा है ।

 

क्रिया विशेषण किसे कहते हैं ?

परिभाषा:-  ऐसे शब्द जो क्रिया या काम की विशेषता बताता है उसे ही क्रिया-विशेषण कहा जाता  है। ” जैसे

1.     मीरा मधुर गाती है।

2.    मोहन ने धीरे से कहा।

3.    राम बहुत थक गया है।

4.    कोयल अपने मधुर स्वर से सभी का मन मोह लेती है।

 

 क्रिया विशेषण के कितने भेद हैं?

क्रिया विशेषण के पाँच भेद है

I.रीतिवाचक क्रिया विशेषण

II.परिमाणवाचक क्रिया विशेषण

III.कालवाचक क्रिया विशेषण

IV.स्थानवाचक क्रिया विशेषण

V.स्थितिवाचक क्रिया विशेषण

 

          I. रीतिवाचक क्रिया विशेषण :- 

जिन क्रिया विशेषण शब्दों से क्रिया होने की रीति या ढंग का पता चलता है उन्हें रीतिवाचक क्रिया विशेषण कहते हैजैसे अध्यापक ने रानी को भलीभाँति समझा दिया है। , दौड़ जीतने के लिए वह तेज़ भागी। निःसन्देह श्याम एक ईमानदार बालक है । इन वाक्यों में रंगीन शब्द क्रिया होने का ढंग बताते हैं। ये रीतिवाचक क्रियाविशेषण हैं।

 

रीतिवाचक क्रिया विशेषण के भेद

       १.  विधिबोधक – साहसहाथों-हाथपरिश्रमपूर्वकधीरे-धीरेशीघ्र आदि ।

       २. निश्चयबोधक – हाँअवश्यजरूरवास्तव मेंबेशकसचमुच ।

       ३.  अनिश्चयवाचक – शायदप्रायःबहुधा,अक्सरकदाचित।

       ४.  हेतुबोधक – क्यों,किसलिएइसलिएअतःक्योंकि ।

       ५. निषेधवाचक – नहींमतकभी नहींकदाचित् , नहीं।

       ६.  प्रश्नवाचक – क्योंकैसेक्या  

       ७.  स्वीकृत बोधक – हाँहाँजी ठीकसच

       ८.  अवधारण बोधक – हाँभीमात्रतोभरतक आदि।  

       ९.  आकस्मिता - साहसएकाएकअचानक।  

       १०.  आवृति – सरासरफटाफट खटाखटझटपटचुपचाप   

 

       II.परिमाणवाचाक क्रिया विशेषण :- 

     जिन क्रिया विशेषण शब्दों से क्रिया के परिमाण या मात्रा का पता चलता है उन्हें परिमाणवाचक    क्रिया विशेषण कहते हैजैसे:- हमने झूले बहुत झूले। , अमरदीप थोड़ा सा नाचा ।वह बिल्कुल थक गया है।तना खाओ जितना पचा सको।

इन वाक्यों में झूलेनाचाथक गयाखाओपचा क्रियाएँ हैं इनकी मात्रा का पता बहुतथोड़ा साबिल्कुलउतनाजितना शब्दों से चलता है। मात्रा बताने वाले शब्द परिमाणवाचक क्रियाविशेषण हैं।

 

        III. कालवाचक क्रियाविशेषण :- 

जिन क्रिया विशेषण शब्दों से क्रिया होने के समय का पता चलता हैउन्हें कालवाचक क्रियाविशेषण कहते हैंजैसे :- आजकलअभी,  पीछेअबजबतबकभी-कभीकबअब सेनित्यजबसेहमेशा सेसदा सेअभी-अभीतभीआजकल और कभी इत्यादि।

उदाहरण :-

   रोमिला स्कूल नित्य जाती है

   राधा अभी आई है ।

   कभी-कभी राम शाम को भी घर नहीं आता है।

   वह सदैव देर से आता है।

   दीपक पूजा करने प्रातः जाएगा।

इन वाक्यों में आए रंगीन शब्द कालवाचक क्रियाविशेषण है क्योंकि इन शब्दों से हमें समय का पता चलता हैं।

 

 

    IV. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण :- 

ऐसे  क्रिया विशेषण शब्द जिससे क्रिया या काम के होने से उससे स्थान या दिशा का पता चलता हैउन्हें स्थानवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैंजैसे –  आस-पासदूर-दूरअंदरभीतरउस ओर,इधर उधरदाहिनेबाएँआर-पारजिधर  इत्यादि।

उदाहरण :-

          बालक यहाँ नहीं है।

          राम कहाँ जाएगा ।

          श्याम बहुत दूर गया है।

          सिपाही उस ओर गए ।

          राम ने सीता को भीतर बुलाया।

  इन  वाक्यों में आए रंगीन शब्द स्थानवाचक क्रिया विशेषण है क्योंकि इन शब्दो से  स्थान और दिशा के बारे पता चलता   है।  

 

   V. स्थितिवाचक क्रिया विशेषण :- 

जिन क्रिया विशेषण शब्द से किसी कार्य के घटित होने या स्थिति का पता चलता है उसे  स्थितिवाचक क्रिया विशेषण कहते है। इस क्रिया विशेषण में किसी भी काम के पूरा होने का पता चलता हैं जो बहुत दिनों से किसी स्थिति से रुका हुआ था।  जैसे आज काम पूरा हो गया , आज मैं पास हो गया। उससे मैं उधार लेकर ही आऊँगा।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.