difference between growth and development वृद्धि और विकास में अंतर

difference between growth and development in child(वृद्धि और विकास में अंतर)

वृद्धि

विकास

१. वृद्धि माप सकते हैं

१. यह मापा नहीं जा सकता।

२. वृद्धि भौतिक होता है।

२. विकास शारीरिक मानसिक सामाजिक और भावनात्मक होता है।

३. वृद्धि मात्रात्मक परिवर्तनों को दर्शाता है। 

३. विकास मात्रात्मक एवं गुणात्मक को भी दर्शाता है।

४. वृद्धि किसी एक व्यक्ति का किसी एक अंग में परिवर्तन को दर्शाता है।

४. विकास संपूर्ण परिवर्तनों को दर्शाता है

५.वृध्दि एक निश्चित आयु के पश्चात रुक जाते हैं।   

५. विकास जीवन पर्यंत चलता रहता है।

६. वृद्धि में आकार, ऊंचाई, भार होता है। 

६. विकास में रचना रूप व्यवहार कार्य करने की प्रणाली बेहतर हो जाती हैं।

७. वृद्धि विकास का प्रथम चरण है। 

७. विकास खूब में संपूर्ण और विकास में वृद्धि सम्मिलित है।

८. वृध्दि का भाग बाह्य होता है।  

८. विकास का भाग आंतरिक होता है।

९. वृद्धि का अर्थ संकुचित होता है। 

९. विकास का अर्थ व्यापक होता है।

१०. वृद्धि वंशानुक्रम के आधार पर निर्धारित होता है। 

१०. विकास वातावरण के आधार पर निर्धारित होता है।

११. वृद्धि का आशय है शारीरिक एवं व्यवहारिक परिवर्तनों से हैं।

११. विकास का आशय है शरीर के विभिन्न शारीरिक, मानसिक, तथा व्यवहारिक संगठन से हैं।

१२. वृद्धि का संबंध शारीरिक तथा मानसिक परिपक्वता से हैं।

१२. विकास इनके साथ-साथ वातावरण से भी संबंधित होता है।

१३. वृद्धि किसी विशेष पक्ष अथवा आंशिक स्वरूप को ही व्यक्त करती हैं।

१३. विकास प्राणी में होने वाले कुल परिवर्तनों का योग है।

१४. वृद्धि में व्यक्तिगत भेद होते हैं। प्रत्येक बालक की विधि समान नहीं होती।

१४. विकास का अर्थ शारीरिक विकास के साथ-साथ बौद्धिक सामाजिक तथा संवेगात्मक विकास भी होते हैं।

१५. वृद्धि के साथ विकास हो भी सकता है। एक बालक का भार व मोटापा बढ़ने के साथ यह आवश्यक नहीं है कि वह किसी कार्यात्मक परिष्कार को प्राप्त कर ले।

१५. अभिवृद्धि के बिना विकास हो सकता है। कुछ बालकों के कद, भार या आकार मेरी थी ना होने पर भी वह भौतिक, सामाजिक, भावात्मक या बौद्धिक पहलुओं में विशेष कार्य अनुभव वाले हो सकते हैं।

१६. वृद्धि में व्यक्तिगत भेद होते हैं। प्रत्येक बालक की वृद्धि समान नहीं होती।

१६. विकास की दर सीमा में अंतर होते हुए भी इस में समानता पायी जाती है।

१७. वृध्दि मनुष्य की विकास प्रक्रिया का हिस्सा या एक पहलू है।

१७. विकास एक व्यापक और परिज्ञान वाला शब्द है। इसमें वृद्धि भी सम्मिलित रहते हैं तथा उन सभी परिवर्तनों को भी समाविष्ट करता है जो जीवधारी के आंतरिक स्तर पर होते हैं। या शारीरिक बौद्धिक भावात्मक सामाजिक और सौंदर्यबोध जैसे विकास के सभी पहलुओं का अपने में समाविष्ट करता है।

 

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