हिन्दी शब्द की व्युत्पत्ति कैसे हुई (hindi shabd ki vyutpatti)

हिंदी शब्द की व्युत्पत्ति भारत के उत्तर-पश्चिम में बहने वाली सिंधु नदी से संबंधित है हमें पता है कि भारत में अधिकांश यात्री उत्तर-पश्चिम सिंहद्वार से ही भारत में आए थे। उस समय भारत एक विशाल देश था और ना ही भारत का विभाजन हुआ था सिंधु नदी अब पाकिस्तान में है। और उसी नदी से होकर बहुत से विदेशी भारत में व्यापार करने के लिए आते थे और वे जिस देश का दर्शन करते थे वह सिंधु का देश था। ईरान के साथ भारत का बहुत प्राचीन संबंध रहा है वे इसी नदी से होकर भारत आया करते थे। ईरानी सिंधु का उच्चारण न कर पाने के कारण इसे 'हिन्दु' कहते थे क्योंकि ईरानियों का 'स' का उच्चारण 'ह' में और 'ध' उच्चारण 'द' में सुनाई देता था। 'हिन्दु' से हिन्द बना और फिर 'हिन्द' में ईरानी का 'ई' प्रत्यय लगने से हिन्द + ई = हिन्दी बन गया। हिन्दी शब्द के दो अर्थ हैं हिन्द देश के निवासी और हिन्द के भाषा। अर्थात् हिन्दी शब्द की उत्पत्ति हिन्द देश के निवासियों के अर्थ में हुआ फिर आगे चलकर यही हिन्द की भाषा के अर्थ में प्रयुक्त होने लगा। हां अब यह बात अलग है कि अब यह शब्द इन दो अर्थों से बिल्कुल अलग हो गया है अब यहां के निवासियों को कोई भी हिन्दी के नाम से नहीं पुकारता है और न ही जानते होंगे बल्कि अब इसे भारतवासी या हिन्दुस्तान के के नाम से जानते हैं। अगर देखा जाए तो भारत में अनेक भाषाएं प्रचलित हैं और सभी भाषाओं के लिए हिन्दी शब्द का प्रयोग नहीं होता। बेशक यह सभी हिंद की भाषाएं हैं लेकिन केवल हिंदी नहीं है। उन सभी भाषाओं के अपने-अपने नाम हैं और उन्हीं नामों से हम उन्हें जानते हैं जैसे असमिया, बांग्ला, पंजाबी, सिंधी, बिहारी, गुजराती, राजस्थानी इत्यादि। यही कारण है कि इन सभी भाषाओं के लिए 'हिन्दी' शब्द का प्रयोग नहीं किया जाता है।

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